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हाइब्रिड सरसों की नई किस्में

1. Bayer / Crystal mustard 5222 Seeds

  • बुवाई का मौसम  अक्टूबर से नवंबर
  • बुवाई की विधि  सीडड्रिल द्वारा एवं छिड़काव विधि द्वारा
  • बुवाई की दूरी  RR=30-45cm, PP=10-15 cm
  • अतिरिक्त विवरण तेल सामग्री 41-42%
  • मात्रा एक एकड़ में 2 से 2.5 किग्रा.

2. Nath Goldie Yellow Mustard Seeds

  • इसमें 41 - 42% की उच्च तेल सामग्री वाले पीले रंग के बीज होते हैं।
  • यह प्रमुख रोगों और कीटों के प्रति सहिष्णु है।
  • 50% फूल आने के दिन 55-65 होते हैं
  • इसके पकने के दिन 90-95 होते हैं।
  • मात्रा एक एकड़ में 2.5 से 3 किग्रा.
  • बुवाई का समय अक्टूबर का पहला सप्ताह से नवंबर के अंतिम तक

3. Pioneer 45S35 Mustard Seeds

  • फसल अवधि 105-110 दिन
  • बुवाई का मौसम  अक्टूबर से नवंबर
  • बुवाई की विधि  सीडड्रिल द्वारा एवं छिड़काव विधि द्वारा 
  • बुवाई की दूरी RR 30-45 cm  PP 15cm
  • अतिरिक्त विवरण  उच्च उपज और बेहतर तेल प्रतिशत
  • मात्रा एक एकड़ में 3 किग्रा.

4. Pioneer 45S46 Mustard Seeds

  • फसल अवधि 125-130 दिन
  • बुवाई का मौसम  अक्टूबर से नवंबर
  • बुवाई की विधि  सीडड्रिल द्वारा एवं छिड़काव विधि द्वारा
  • बुवाई की दूरी RR 30-45 cm  PP 15cm
  • अतिरिक्त विवरण  उच्च उपज और बेहतर तेल प्रतिशत
  • सिंचाई की आवश्यकता  2-3 बार

5. Pioneer 45S42 Mustard Seed

  • फसल अवधि 125-130 दिन
  • बुवाई का मौसम  अक्टूबर से नवंबर
  • बुवाई की विधि  सीडड्रिल द्वारा एवं छिड़काव विधि द्वारा
  • बुवाई की दूरी RR 30-45 cm  PP 15cm
  • अतिरिक्त विवरण  उच्च उपज और बेहतर तेल प्रतिशत
  • सिंचाई की आवश्यकता  2-3 बार

विशेष टिप्पणी:  यहां दी गई जानकारी केवल संदर्भ के लिए है और विशेष रूप से मिट्टी के प्रकार और जलवायु परिस्थितियों पर निर्भर करती है। संपूर्ण उत्पाद विवरण और उपयोग के लिए दिशा-निर्देशों के लिए हमेशा उत्पाद लेबल और संलग्न पत्रक देखें।

हाइब्रिड सरसों की नई किस्में क्यों है ख़ास?

Factor 01

इन किस्में में अधिक पैदावार देने की क्षमता है|

Factor 02

यह प्रमुख रोगों और कीटों के प्रति लड़ने में सक्षम है|

Factor 03

उच्च उपज और बेहतर तेल प्रतिशत|

Factor 04

कम से कम खाद और सिंचाई की आवश्यकता 

सरसों की फसल में लगने वाले प्रमुख रोग से लड़ने में सक्षम

सफ़ेद रोली रोग: इसे इट रस्ट भी कहते हैं. यह बीज और मिट्टी जनित रोग है. बुवाई के 30-40 दिनों बाद इसके लक्षण पत्तियों के ऊपरी सतह पर सफेद रंग के छोटे छोटे फफोले दिखाई देते हैं और निचली पर गहरे भूरे या कथई रंग के धब्बे दिखाई देते हैं. पुष्पीय भाग एवं फलिया विकृत हो जाती है तथा इसमें दाने नहीं बनते हैं. ये किस्में इस रोग से लड़ने में सक्षम है|

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